सांगरी के लाभ और इसके व्यंजन

केर कुमटिया सांगरी, काचर बोर मतीर।
तिनु लोका नहीं मिले, तरसे देव अखीर।।

सांगरी :


भारत की विश्व विख्यात सब्जी जिसके चाहने वाले दुनिया भर में है सांगरी राजस्थान के उन पारंपरिक सब्जियों में से एक है जिसकी तुलना सूखे मेवों से की जाती है सांगरी की सब्जी को आमतौर पर एक और फल केर के साथ मिलाकर बनाया जाता है कहा जाता है कि सागरी जैसी सुपाच्य स्वादिष्ट सब्जी थार के अलावा पूरी दुनिया में कहीं नहीं है
सांगरी राजस्थान के प्रमुख पेड़ खेजड़ी की फली है यह ऐसी फली है,जो किसी पौधे पर नहीं बल्कि एक पेड़ पर लगती है।


थार का लोक जीवन हो,लोकगीत हो या फिर पर्यावरण का जिक्र हो। इसमें से किसी की भी चर्चा खेजड़ी के बिना पूरी नहीं हो सकती।

खेजड़ी का जिक्र वेद पुराणों तक में किया हुआ है वैदिक काल में यज्ञ की शुरुआत खेजड़ी से होती थी। रामायण से लेकर महाभारत तक सभी ग्रंथों में खेजड़ी का जिक्र है।Photo by Vivek Doshi on Unsplash


राजस्थान में जन्म से परन(विवाह) तक का ऐसा कोई शुभ अवसर नहीं जो खेजड़ी के बिना पूरा हो सके। buy online:https://amzn.to/33n6DT2

खेजड़ी को राजस्थान में खेजड़ी या खेजड़ो पंजाबी में झंडे झंडी,सिंधी में कांडी, गुजराती में समिया, सुमरी कहा जाता है।

थार की तपती लुओं को झेलकर यह पेड़  मई जून में  भी हरा-भरा मुस्कुराता रहता है।
इसके फलिया फली को सांगरी कहा जाता है।

खेजड़ी दलहन परिवार का फलीदार वृक्ष है ।जिसका वैज्ञानिक नाम प्रोसोपिस सिनेररिया है।

भारत और पाकिस्तान में फैले थार मरुस्थल के साथ-साथ यह पेड़ अफगानिस्तान तथा ईरान में भी मिलता है।खेजड़ी की ताकत इसकी जड़ है रेतीली जमीन में इसकी जड़े 100 फुट की गहराई तक भी चली जाती है।Photo by Louis Hansel on Unsplash


लोकगीतों में कहा जाता है कि इसकी जड़ें धरती की गर्भनाल के साथ जुड़ी रहती है।
किसी जमाने में थार की आम जनमानस के लिए मेवा कही जाने वाली सांगरी की सब्जी कि अब पूरी दुनिया दीवानी है आजकल तो इसे शाही सब्जी के रूप में पांच सितारा होटलों व अन्य रेस्टोरेंट में परोसा जाता है।

सांगरी दरअसल खेजड़ी का फल है फली(बींस) भी कहते हैं मार्च से लेकर जुलाई तक के महीने में इन फलियों को पकने से ठीक पहले तोड़ दिया जाता है इन्हें तोड़ के उबाला जाता है फिर सुखा लिया जाता है इसके बाद इनका सालभर इस्तेमाल किया जाता है सांगरी की सब्जी  औषधीय गुणों से भरपूर है  सांगरी में वे सभी छह रस है जो भोजन को सुपाच्य बनाते हैं।

पाक (भोजन)उपयोग:

* सांगरी का उपयोग दाल बनाने में किया जाता है क्लासिक भारतीय व्यंजन।

जैसलमेर की केर -सांगरी की सब्जी जिसका नाम लेते ही मुंह में पानी आने लग जाता है,केर-सांगरी जैसलमेर की सबसे लोकप्रिय शाकाहारी व्यंजन है। इसे कम आंच पर पकाया जाता है।

इसमें थार की फली और केर का उपयोग किया जाता है। यह शाकाहारी भोजन बाजरे की रोटी के साथ बड़े चाव से खाया जाता है।

* कढ़ी और सांगरी पचोरी जल्दी से तैयार होने वाली स्वादिष्ट सब्जी है इस की चटनी भी बनती है।

* कढ़ी पचोरी और तूर दाल की चटनी का उपयोग चावल दाल और डोसा के साथ किया जाता है।
Photo by Pille-Riin Priske on Unsplash


स्वास्थ्य लाभ: 

सांगरी  को उबालकर इसके पानी को चीनी के साथ मिश्रित करके पिलाने से गर्भपात का खतरा कम किया जा सकता है।

-यह शीतलन रोधी के रूप में काम करता है।

- यह एक टॉनिक के रूप में कुष्ठ रोग, पेचिश का इलाज करता है। 
 
- ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, ल्यूकोडर्मा, बवासीर और मांसपेशियों का कांपना के लिए रामबाण इलाज है।

- सांगरी पोटेशियम,मैग्नीशियम ,कैल्शियम, जिंक और आयरन जैसे खनिजों से समृद्ध है, प्रोटीन और फाइबर का एक अच्छा स्रोत है।

-सांगरी की फली में मध्यम मात्रा में सेपोनिन होते हैं जो रक्त में प्रतिरक्षा प्रणाली और कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।
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